रायपुर। गौ माता की रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और गायों को भूख से बचाने के लिए सिंधी समाज के युवाओं ने एक अनोखी पहल की शुरू की है। समाज के कुछ युवाओं की टोली अपना दिनभर का काम निपटाने के बाद रात्रि में दो घंटे 9 से 11 बजे तक गायों को रोटी खिलाने निकलते हैं और आसपास के लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने और रोटी खिलाने के लिए जागरूक करने में लगे हैं। वे युवा लोगों से अपील करते हैं कि अपनी थाली की पहली रोटी गाय को खिलाएं। युवाओं के इस अभियान से दूसरे लोग भी प्रेरित हो रहे हैं और संस्था के साथ जुड़ रहे हैं। प्रतिदिन 10 किलो आटे की रोटियां अभियान से जुड़े सदस्यों में से प्रतिदिन एक सदस्य माह में एक बार कम से कम निर्धारित 10 किलो आटा का खर्च उठाता है, कुछ सदस्य ज्यादा खर्च भी उठाते हैं। इस तरह एक माह में कम से कम 300-400 किलो आटा की रोटी बनाकर गायों को खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कोई भी दानदाता शामिल हो सकता है। रोटी से मिला मजबूर महिला को रोजगार प्रतिदिन 10 किलो आटा की रोटी बनाने के लिए तेलीबांधा की एक मजबूर महिला को रोजगार मिल गया है। वह महिला दोपहर बाद रोटी बनाना शुरू करती है और रात 8 बजे तक लगभग 300-400 रोटियां बनाकर देती है। इसके बदले उस महिला को पांच हजार रुपए महीना पारिश्रमिक दिया जाता है। दिनभर काम के बाद रात्रि में योगदान गाय को रोटी खिलाओ अभियान समिति से जुड़े सुभाष बजाज बताते हैं कि यह अभियान रात्रि में इसलिए चलाया जाता है ताकि अभियान से जुड़े युवा दिन में अपना व्यवसाय, नौकरी कर सकें। साथ ही अधिकतर गायों को उनके मालिक सुबह-शाम दूध दुहने के लिए घर पर रख लेते हैं और रात में चरने के लिए छोड़ते हैं, गायें रातभर इधर-उधर घूमकर अपना भोजन तलाशती हैं। यह अभियान धीरे-धीरे पूरी राजधानी में चलाया जाएगा और जहां कहीं भी गायों के एकत्रित होने की सूचना मिलेगी वहां समिति के लोग जाकर सेवा करेंगे। सिंधु एकता संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज, महासचिव ज्ञानू उदासी, प्रवक्ता रिक्की जुड़ानी, प्रदीप सिंहानी, सेवा कार्य के संयोजक कन्हैयालाल मोटवानी, अमित कोसरिया, राजेश सिंह ठाकुर, राकेश लुडवानी, बबलू साहू, धीरेन्द्र साहू, शैलेष हिरणवार, उमाशंकर तिवारी आदि सदस्य रात्रि में एक जगह एकत्रित होते हैं और फिर अपने-अपने वाहनों से किसी एक निश्चित इलाके में जाकर वहां गायों को ढूंढकर रोटी खिलाते हैं। 15 दिन पूर्व शुरू किए गए अभियान में अब तक युवाओं की टोली कटोरा तालाब, तेलीबांधा, श्याम नगर, लाखेनगर, पुरानी बस्ती, फाफाडीह, नहरपारा, अमलीडीह, राजेन्द्र नगर, टिकरापारा, शैलेन्द्र नगर आदि इलाकों में जाकर सेवा दे चुके हैं। - See more at:http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/raipur-raipur-news-228412